Female foeticide: डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों को ऐसे परिवारों पर नजर रखने को कहा गया है कि जिनके द्वारा प्रसव पूर्व भ्रूण लिंग जांच करवाने अथवा कन्या भ्रूण हत्या करवाने की आशंका हो। उन्होंने कहा कि ऐसी सूचनाओं के आधार पर कन्या भ्रूण हत्या करने व करवाने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाएं जाएगें और गैर कानूनी भ्रूण व लिंग जांच करने वाले अस्पतालों व डॉक्टरों पर पैनी नजर रखी जाएगी ताकि ऐसी गतिविधियों को रोका जा सके।
गर्भधारण पूर्व लिंग चयन संबंधी जुर्म करने पर एक लाख रुपए जुर्माने के साथ 5 साल तक की कैद
डीसी ने कहा कि पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट 1994 के तहत पंजीकृत सेंटर संचालक व डॉक्टर द्वारा पहली बार गर्भधारण पूर्व लिंग चयन और प्रसव पूर्व लिंग (Female foeticide) निर्धारण संबंधी जुर्म करने पर 3 साल की कैद और 10 हजार रुपए जुर्माना तथा इसके उपरांत पुन: जुर्म करने पर 5 साल कैद और 50 हजार रुपए जुर्माना का प्रावधान है।
पति/परिवार के सदस्य या लिंग चयन के लिए उकसाने वाले व्यक्ति के लिए एक्ट में पहले अपराध पर 50 हजार रुपए तक के जुर्माने के साथ 3 साल तक की कैद तथा इसके उपरांत पुन: अपराध करने पर एक लाख रुपए तक जुर्माने के साथ 5 साल तक की कैद का प्रावधान एक्ट में किया गया है।
लिंगानुपात बढ़ाने के लिए सभी को एकजुट होकर करने होंगे सामूहिक प्रयास : डीसी
डीसी इमरान रजा ने जिलावासियों से रेवाड़ी जिले के घटते लिंगानुपात को बढ़ाकर जिला को लिंगानुपात के मामले में पहले पायदान पर लाने का आह्वान किया है। रेवाड़ी जिले का कम लिंगानुपात समाज के लिए अच्छा संकेत नहीं है। लिंगानुपात को बढ़ाने के लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि बेटियां अनमोल हैं और इन्हें भी दुनिया में आने का पूरा हक है।
उन्होंने कहा कि केवल बालिका दिवस व महिला दिवस मनाने से कन्या भ्रूण हत्या समाप्त नहीं होगी। इसके लिए हम सबको मिलकर सामूहिक प्रयास करने होंगे। जिस दिन हम अपनी बेटियों को बेटों के बराबर समझने लगेंगे, उस दिन कन्या भ्रूण हत्या (Female foeticide) अपने आप रुक जाएगी। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या (Female foeticide) एक कानूनी अपराध होने के साथ-साथ सामाजिक अपराध भी है।