Haryana Politics: हरियाणा सरकार के शहरी एवं स्थानीय निकाय विभाग (ULB) के मंत्री विपुल गोयल को पिछले 3 महीने से चंडीगढ़ में सरकारी कोठी नहीं मिल पाई है। खबरों की मानें, तो जब से वह मुख्यमंत्री नायब सैनी की अगुआई वाली सरकार में मंत्री बने है, तभी से ही कोठी ढूंढ रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विपुल गोयल अब तक 4 कोठियां पसंद कर चुके हैं, लेकिन जो भी कोठी वह लेना चाहते हैं, उसमें कोई न कोई अड़ंगा लग ही जाता है। बताया जा रहा है कि विपुल गोयल ने पहले पूर्व CM भूपेंद्र हुड्डा की कोठी मांगी, लेकिन वह खाली ही नहीं हो पाई। बताया जा रहा है कि गोयल को सेक्टर-7 में ही बनी कोठी नंबर 68 पसंद आई। इसके लिए उन्होंने अपनी इच्छा भी सरकार के सामने व्यक्त की। हालांकि, यहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। कहा जा रहा है कि जब इस कोठी का वास्तु चेक कराया गया तो वो गड़बड़ निकला। जिसके बाद पंडित ने उन्हें यहां रहने से इंकार कर दिया। इसके बाद मंत्री ने इस कोठी पर से भी दावेदारी छोड़ दी।
खबरों की मानें, तो मंत्री विपुल गोयल ने सेक्टर-7 में पूर्व CM हुड्डा के सामने वाली लाइन में चंडीगढ़ प्रशासन के एक गेस्ट हाउस को लेने की इच्छा जताई। लेकिन, यह गेस्ट हाउस चंडीगढ़ प्रशासन के अंडर था, इस वजह से उनकी यह ख्वाहिश भी अधूरी रह गई। अब उन्होंने रिटायर्ट चीफ सेक्रेटरी टीवीएसएन प्रसाद वाली कोठी की डिमांड की है।
खबरों की मानें, तो कोठी न मिलने के कारण मंत्री विपुल गोयल को एक निजी कोठी में रहना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि अभी वह चंडीगढ़ में सेक्टर-8 में एक कोठी में रह रहे हैं। वह उनके किसी करीबी की है।
गोयल के अलावा मंत्री अनिल विज को भी अपनी मनपसंद कोठी नहीं मिल पाई थी। ये ही वजह है कि विज अंबाला से ही सचिवालय अपडाउन कर रहे हैं।