Haryana News: हरियाणा के सोनीपत जिले से एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने ईएसआईसी डिस्पेंसरी के सेंट्रल मैनेजर विनोद को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई राई क्षेत्र में की गई, जहां आरोपी एक ठेकेदार से 11 हजार रुपए की रिश्वत ले रहा था।
जानें पूरा मामला
सूत्रों के अनुसार, राठधाना मोड़ के पास स्थित ईएसआईसी डिस्पेंसरी में तैनात मैनेजर विनोद मजदूरों को दुर्घटना के दौरान मिलने वाले मुआवजे की मंजूरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांग रहा था। उसने ठेकेदार से कुल 16 हजार की डिमांड की थी, जिसमें से 5 हजार रुपये पहले एडवांस में ले चुका था।
ठेकेदार सागर, जो औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों में मजदूर उपलब्ध कराता है, ने ACB में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उसके दो मजदूर काम के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे और उन्हें मिलने वाला मुआवजा ESIC मैनेजर के अप्रूवल पर निर्भर था। विनोद ने मुआवजा पास कराने के एवज में रिश्वत मांगी थी।
11 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा रंगे हाथों
ACB टीम ने जाल बिछाकर राई में स्थित एक कार्यालय में आरोपी को 11 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तार मैनेजर विनोद मूल रूप से सोनीपत का ही निवासी है। मात्र तीन महीने पहले ही उसका ट्रांसफर फरीदाबाद से सोनीपत किया गया था। अब उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो मामले की विस्तृत जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच के दायरे में यह भी देखा जाएगा कि कहीं और मामलों में भी आरोपी ने इसी तरह की अवैध गतिविधियों को अंजाम तो नहीं दिया।