Rewari: फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट, रेवाड़ी ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दोषी राजेश (निवासी दादरी तोये, जिला झज्जर) को 20 साल की सजा और 26 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को 20 महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीणा (IPS) द्वारा महिला अपराध और POCSO मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के दिए गए विशेष निर्देशों के तहत की गई उत्कृष्ट पैरवी का परिणाम है।
मामला वर्ष 2020 का है, जब रेवाड़ी की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 15 वर्षीय बेटी 10 जून 2020 को घर से निकली और वापस नहीं लौटी। सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान हुई, जिसके बाद थाना रामपुरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी को 18 जून 2020 को गुरुग्राम के कादीपुर से गिरफ्तार किया और नाबालिग पीड़िता को राजस्थान के कोटपूतली क्षेत्र से बरामद कर लिया।
नाबालिग ने बयान में आरोपी पर बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप लगाया, जिसके आधार पर POCSO की धाराएं भी जोड़ी गईं। पुलिस ने मजबूत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत में चार्जशीट पेश की। सुनवाई के बाद एएसजे लोकेश गुप्ता ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।