हरियाणा सरकार ने राज्य में विभिन्न कृषि योजनाओं के तहत कृषि उपकरण उपलब्ध करवाने वाले कृषि यंत्र निर्माताओं और डीलरों को अपने सभी कृषि उपकरणों व यंत्रों पर अधिकतम विक्रय मूल्य अर्थात एमआरपी अंकित करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा कृषि उपकरणों पर एमआरपी अंकित करने की अनिवार्यता के संबंध में जारी दिशानिर्देशों के मद्देनजर यह निर्देश जारी किए गए हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप-निदेशक डा. बलवंत सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कृषि यंत्र निर्माता और डीलर अपने विनिर्माण स्थल, डीलरशिप और कंपनी की वेबसाइट पर कृषि उपकरणों के एमआरपी प्रदर्शित करने के लिए भी बाध्य होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि यंत्र निर्माता यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उन द्वारा वेबसाईट पर प्रदर्शित एमआरपी और डीलरों द्वारा उनकी डीलरशीप पर प्रदर्शित मूल्य में कोई अंतर न हो।
इन दिशानिर्देशों का अनुपालन नहीं करने की स्थिति में संबंधित कृषि यंत्र निर्माता व डीलर विभागीय योजनाओं में मशीन सप्लाई करने के पात्र नहीं रहेंगे। कृषि यंत्र निर्माता व डीलर इस बारे में विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित सहायक कृषि अभियंता के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।