Haryana: हरियाणा को औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने वाली ऐतिहासिक पहल के तहत आईएमटी सोहना में लिथियम आयन बैटरी निर्माण का एशिया का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट शुरू हो गया है। जापान की प्रतिष्ठित कंपनी एटीएल (ATL) ने लगभग 3,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ इस मेगा यूनिट की स्थापना की है। इस अत्याधुनिक परियोजना से प्रदेश को न केवल औद्योगिक क्षेत्र में मजबूती मिलेगी बल्कि 5,000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार भी प्राप्त होगा।
प्रोजेक्ट का शुभारंभ
केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को एटीएल बैटरी टेक्नोलॉजी (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के इस प्रोजेक्ट का औपचारिक शुभारंभ किया। इस मौके पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, जापान की टीडीके ग्रुप से सैटो और शशिदा, मुख्यमंत्री के विदेशी सहयोग सलाहकार पवन चौधरी और आईसीडब्ल्यूए से पंकज महेंद्रू भी उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री ने कही ये बातें
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जैसे जापान क्वालिटी पर भरोसा करता है, वैसे ही हरियाणा में भी अब ऐसे प्रोडक्ट तैयार होंगे जो वैश्विक स्तर पर खरे उतरेंगे। उन्होंने बताया कि आधुनिक भारत आज इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है और इसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं और युवाओं को मिल रहा है।
औद्योगिक इतिहास का स्वर्णिम अध्याय
हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने इस दिन को प्रदेश के औद्योगिक इतिहास में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दूरदर्शी नेतृत्व में हरियाणा आत्मनिर्भरता, नवाचार और वैश्विक सहयोग का केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि एटीएल ग्रुप (टीडीके कॉरपोरेशन, जापान) द्वारा स्थापित यह परियोजना ऐतिहासिक पहल है।

उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में हरियाणा में 10 नए औद्योगिक शहरों का विकास किया जाएगा। इसके पहले चरण में 3,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 5,000 युवाओं को सीधा रोजगार मिलेगा। एटीएल ने इससे पहले 2020 में बावल में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश कर 1,500 से अधिक रोजगार उपलब्ध कराए थे।
हरियाणा की मजबूत औद्योगिक नीति
उद्योग मंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार की एंटरप्राइजेज एवं इम्प्लॉयमेंट पॉलिसी, एमएसएमई नीति और स्टार्टअप नीति निवेश और रोजगार सृजन के लिए बड़े अवसर प्रदान कर रही हैं।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, दिल्ली-एनसीआर की नजदीकी, सुदृढ़ सड़क एवं रेल नेटवर्क, लॉजिस्टिक क्षमता और मजबूत सप्लाई चेन हरियाणा को देश का सबसे आकर्षक औद्योगिक हब बना रहे हैं।