Haryana: हरियाणा वासियों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, यमुनानगर, हिसार समेत हरियाणा में बिजली की नई दरें लागू हो सकती हैं। जानकारी के मुताबिक, हो सकता है कि बिजली के रेट बढ़ा दिए जाएं। हालांकि HERC ने फिलहाल रिपोर्ट मांगी है। चार जिलों में सुनवाई होने जा रही है। उसके बाद रिपोर्ट बनेगी और फिर इस रिपोर्ट पर हरियाणा बिजली विनियामक काम करेगा।
जानकारी के मुताबिक, हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (HERC) ने आगामी वित्त वर्ष के लिए बिजली दरें तय करने से पहले राज्य की बिजली कंपनियों से व्यापक वित्तीय, तकनीकी और परिचालन संबंधी अतिरिक्त जानकारी मांगी है। मिली जानकारी के अनुसार, आयोग ने रविवार को कहा कि हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (HVPN) और हरियाणा पावर कॉर्पोरेशन की टैरिफ याचिकाओं पर सार्वजनिक सुनवाई पूरी हो चुकी है, लेकिन उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा, पारदर्शिता और विवेकपूर्ण निर्णय सुनिश्चित करने के लिए तथ्यों की आगे भी जांच आवश्यक है। Haryana News
मिली जानकारी के अनुसार, HVPN की सुनवाई के बाद आयोग ने प्रसारण कंपनियों को इसकी स्थापना काल से लिए गए विश्व बैंक ऋणों का ब्यौरा देने का निर्देश दिया है, जिसमें ब्याज दरें, विदेशी मुद्रा उतार-चढ़ाव और प्रभावी उधारी लागत शामिल हों। वित्त वर्ष 2026-27 में डिप्रिसिएशन (मूल्यह्लास) बढ़ाने का कारण स्पष्ट किया जाए। Haryana News
प्रस्ताव में क्या-क्या
जानकारी के मुताबिक, जिन परियोजनाओं पर अभी खर्च हो रहा है लेकिन वे पूरी नहीं हुई हैं, उनकी वर्तमान स्थिति बताई जाए। कौन-कौन सी परियोजनाएं कब तक पूरी होकर बैलेंस शीट में स्थायी संपत्ति के रूप में दर्ज होंगी। जो बची हुई आय फिलहाल इक्विटी में दिखाई जा रही है, उसे “कैपिटल रिज़र्व” में डालने का प्रस्ताव है। मिली जानकारी के अनुसार, महंगे या अधिक ब्याज वाले कर्ज को सस्ते या बेहतर शर्तों वाले कर्ज से बदलने की संभावना पर विचार किया जाए। Haryana News
मिली जानकारी के अनुसार, यह एक वित्तीय समीक्षा/निर्देश है जिसमें भविष्य की लागत, संपत्ति निर्माण, लेखांकन व्यवस्था और कर्ज प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए स्पष्टीकरण और विकल्प मांगे गए हैं। HPGCL के मामले में आयोग ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए नियमित और संविदा कर्मचारियों की संख्या तथा लागत का विस्तृत ब्योरा मांगा है। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, इसके साथ ही कोयला सैंपलिंग एजेंसियों के विश्लेषण, पिछले तीन वर्षों में कोयले की गुणवत्ता संबंधी दावों, उत्पादन आंकड़ों की जानकारी तलब की गई है।