Haryana News: हरियाणा के भिवानी, चरखी दादरी और नूंह जिलों के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की केंद्रीय तकनीकी सलाहकार समिति (CTAC) ने रबी 2023-24 के फसल बीमा विवाद पर अपना फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी की अपील खारिज कर दी है।
अब बीमा कंपनी को एक सप्ताह के भीतर प्रभावित किसानों को करीब 85.5 करोड़ रुपये का मुआवजा देना होगा। यह जानकारी पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल ने साझा की।
जानें पूरा मामला
यह मामला भिवानी की 148, चरखी दादरी की 45 और नूंह की 38 बीमा इकाइयों में हुए फसल कटाई प्रयोग (CCE) से जुड़ा है। इन प्रयोगों के आधार पर राज्य स्तरीय तकनीकी सलाहकार समिति (STAC) ने किसानों के हक में फैसला सुनाया था, जिसे बीमा कंपनी ने जनवरी 2025 में चुनौती दी थी।
बीमा कंपनी ने आरोप लगाया था कि फसल कटाई आंकड़ों में गड़बड़ी हुई है। कृषि विभाग के उप निदेशकों की रिपोर्ट को बिना स्वतंत्र जांच के स्वीकार किया गया। तकनीकी रिपोर्ट और तस्वीरें प्रोटोकॉल के खिलाफ हैं।
CTAC ने बीमा कंपनी की अपील पर विस्तृत सुनवाई करते हुए कहा कि अपील निर्धारित समयसीमा (15 दिन) के बाद दायर की गई थी। बीमा कंपनी कटाई के समय कोई आपत्ति दर्ज नहीं कर पाई थी।
विवादित इकाइयों में से कई में कंपनी ने को-विटनेस के तौर पर भाग लिया, फिर भी बाद में आपत्ति जताई। तकनीकी रिपोर्टें अधूरी और अस्पष्ट थीं, और स्थानीय कृषि परिस्थितियों को ध्यान में नहीं रखा गया।