GST Reforms: केन्द्र सरकार ने हाल ही में हुई जीएसटी परिषद की बैठक में कई अहम सुधारों को मंजूरी दी है। इन सुधारों को व्यापार जगत और आम उपभोक्ताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बैठक में लिए गए फैसलों के तहत छोटे और मध्यम व्यवसायों (MSMEs) के लिए अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। कई आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दरों में कमी की गई है, जबकि जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को अधिक सहज और त्रुटिहीन बनाने के लिए तकनीकी बदलाव भी किए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन कदमों से व्यवसायों पर अनुपालन का बोझ कम होगा और कारोबार सुचारू रूप से चल सकेगा।
रेवाड़ी में भाजपा जिला इकाई की अध्यक्ष डॉ. वंदना पोपली ने इन सुधारों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे स्थानीय व्यापार और उद्योग को मजबूती मिलेगी। उन्होंने इसे “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
ये सुधार न केवल ‘वन नेशन, वन टैक्स’ की अवधारणा को और मजबूत करेंगे, बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए टैरिफ (आयात शुल्क) का मजबूती से जवाब देने वाले ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को भी सिद्ध करेंगे।
उन्होने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प के लगाए गए टैरिफ ने वैश्विक व्यापार को चुनौती दी थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण ने इस चुनौती को एक अवसर में बदल दिया।
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि इन बदलावों से घरेलू उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह सुधार रोजगार सृजन और स्थानीय उद्योगों के लिए नई संभावनाएँ पैदा करेंगे।
जीएसटी परिषद के ये फैसले न केवल कर व्यवस्था को सरल बनाने की दिशा में अहम कदम हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को भी मजबूत करने में सहायक साबित हो सकते हैं।