Haryana: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बसई वाटर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया के दौरान जानबूझकर नियमों की अनदेखी की गई, जिसके चलते राज्य सरकार को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। इसके साथ ही इस गड़बड़ी की वजह से परियोजना के क्रियान्वयन में भी अनावश्यक देरी हुई है, जिससे जनता को समय पर सुविधा नहीं मिल सकी।
मुख्यमंत्री ने ये निर्देश आज उनकी अध्यक्षता में हुई उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (HPPC) तथा हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (एचपीडब्ल्यूपीसी) की बैठक में दिए। बैठक में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, श्याम सिंह राणा, रणबीर गंगवा और राज्य मंत्री राजेश नागर उपस्थित रहे।
नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टेंडर प्रक्रिया में शामिल संबंधित अधिकारी को चार्जशीट करते हुए नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी स्तर पर इस प्रकार की लापरवाही और अनियमितता दोबारा न हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीति भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के प्रति जीरो टोलरेंस की है और जनता के हितों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देना है। विकास परियोजनाओं में ईमानदारी, गुणवत्ता और समयबद्धता से समझौता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।