चंडीगढ़/गुरुग्राम, 27 फरवरी 2026। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम ने भ्रष्टाचार एवं जालसाजी के एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनील पुत्र राजपाल, निवासी गांव कोयलपुर, तहसील मातनहेल, जिला झज्जर (तत्कालीन प्रोफेसर, बीसीए विभाग, अहीर कॉलेज, रेवाड़ी) के विरुद्ध माननीय न्यायालय, रेवाड़ी में चालान (चार्जशीट) प्रस्तुत किया है।
ब्यूरो की जांच रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(डी)(2), 13(1)(डी)(3) के तहत आरोप अंकित किए गए हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अहीर कॉलेज, रेवाड़ी में प्रोफेसर, बीसीए विभाग के पद पर रहते हुए एनसीसी अधिकारी एएनओ धीरज सांगवान एवं तत्कालीन प्राचार्य ओमकार सिंह से कथित मिलीभगत कर षड्यंत्रपूर्वक अपना दाखिला फर्जी तरीके से दर्शाया। इसके आधार पर आरोपी ने अवैध रूप से एनसीसी का ‘बी’ प्रमाण पत्र प्राप्त किया, जो शासकीय अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ एवं धोखाधड़ी की श्रेणी में पाया गया।
ब्यूरो द्वारा आरोपी के विरुद्ध धारा 193 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत प्रथम चालान माननीय न्यायालय श्री सौरभ कुमार, ए.एस.जे., रेवाड़ी में प्रस्तुत किया गया है।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि सरकारी एवं शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, फर्जीवाड़ा या भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।