Haryana News: हरियाणा सरकार अरावली की पहाड़ियों में 10,000 एकड़ क्षेत्र में जंगल सफारी विकसित करने जा रही है। इस सफारी की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां शेर, चीते जैसे खतरनाक जानवर नहीं रखे जाएंगे। यह निर्णय राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लिया है, ताकि पर्यटक बिना किसी डर के प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकें।
मुख्यमंत्री ने बजट घोषणाओं की समीक्षा बैठक में बताया कि जंगल सफारी को सभी पर्यावरणीय नियमों और मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। साथ ही, इसमें ऐसे पौधे लगाए जाएंगे जो बरसात के मौसम में आसानी से पनप सकें, ताकि सफारी क्षेत्र की हरियाली और प्राकृतिक आकर्षण बना रहे।
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण एवं वन विभाग की अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर सभी योजनाओं पर तेज़ी से कार्य किया जाए और उनकी निगरानी समय-समय पर की जाए।
बैठक के दौरान तीन जिलों अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर के ड्रेनेज सिस्टम को लेकर भी अहम निर्देश दिए गए। CM सैनी ने कहा कि किसी भी स्थिति में सीवर या फैक्ट्रियों का गंदा पानी सीधे नालों में न जाए।
इसके लिए पहले चरण में इन तीन जिलों में ऐसे स्थानों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अगले तीन महीनों में इन जिलों में साफ-सफाई और जल निकासी व्यवस्था में जमीनी बदलाव नजर आने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने पर्यटन एवं विरासत विभाग की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में तीज-त्योहारों और मेलों के आयोजन के लिए 100 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।