New Year 2026: 1 जनवरी 2026 से देशभर में कई बड़े नियम लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम जनता, किसानों, कर्मचारियों और छात्रों पर पड़ेगा। इनमें राशन कार्ड प्रक्रिया से लेकर पैन-आधार लिंक और बैंकिंग सिस्टम तक कई महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं।
राशन कार्ड प्रक्रिया होगी आसान
2026 से राशन कार्ड के लिए आवेदन प्रक्रिया और सरल कर दी जाएगी। अब Online आवेदन की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिससे खासकर ग्रामीण लोगों और किसानों को राहत मिलेगी और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
किसानों के लिए नए नियम
कई राज्यों में किसान आईडी अनिवार्य कर दी गई है। आईडी न होने पर पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त रुक सकती है। वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में जंगली जानवरों से फसल को हुए नुकसान को भी शामिल किया जाएगा। नुकसान की रिपोर्ट 72 घंटे के अंदर देना जरूरी होगा।
बैंकिंग और टैक्स में बदलाव
आयकर रिटर्न दाखिल करते समय अब अधिक डेटा आधारित जानकारी देनी होगी। क्रेडिट स्कोर अपडेट का समय घटाकर 7 दिन कर दिया गया है। साथ ही 2026 से बैंकों की लोन और एफडी दरों में संभावित बदलावों का असर भी दिखेगा।
सरकारी स्कूलों में डिजिटल अटेंडेंस
कई राज्यों में शिक्षकों की उपस्थिति अब टैब के जरिए डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी। इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और निगरानी बेहतर होगी।
सोशल मीडिया पर सख्ती
16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर कड़े नियम लागू किए जा सकते हैं, ताकि बच्चों की Online सुरक्षा मजबूत हो सके।
गैस और ईंधन कीमतों में राहत की उम्मीद
हर महीने की पहली तारीख को LPG Cylinder की कीमतों की समीक्षा होती है। 1 जनवरी 2026 से घरेलू LPG के साथ CNG और PNG के दाम घटने की संभावना जताई जा रही है।
कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने की उम्मीद है। फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से बेसिक सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी हो सकती है। घोषणा में देरी होने पर एरियर मिलने की संभावना भी रहेगी।
रियल एस्टेट निवेश होगा आसान
1 जनवरी 2026 से REITs को म्यूचुअल फंड के समान माना जाएगा, जिससे छोटे निवेशकों को भी रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश का बेहतर मौका मिलेगा।
पैन-आधार लिंक अनिवार्य
1 जनवरी 2026 तक पैन कार्ड को आधार से लिंक करना आवश्यक होगा। लिंक न होने पर पैन निष्क्रिय हो सकता है, जिससे बैंकिंग व टैक्स संबंधी काम प्रभावित हो सकते हैं।