Motor Vehicles Rule Change: देशभर में वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर आई है। सरकार मोटर व्हीकल से जुड़े कई नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। साथ ही इन नियमों में बदलाव के साथ वाहनों और वाहन चालकों पर भी सरकार सख्त कार्रवाई करने वाली है। जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मोटर वाहन अधिनियम में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, नए प्रस्तावों के तहत बिना वैध बीमा चल रहे वाहनों को जब्त करने का अधिकार प्रवर्तन एजेंसियों को मिलेगा। इसके साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस नियमों को भी सख्त बनाया जाएगा।
सीधी कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, सरकार बिना वैध बीमा सड़कों पर चल रहे वाहनों पर सख्ती करने जा रही है। नए नियमों के तहत ट्रैफिक और परिवहन विभाग को ऐसे वाहनों को जब्त या डिटेन करने का अधिकार मिलने वाला है। Motor Vehicles Rule Change
बीमा प्रीमियम
मिली जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित बदलावों में IRDAI को बीमा प्रीमियम तय करने की ज्यादा शक्ति दी जाएगी। अब वाहन की उम्र के साथ-साथ चालक के चालान और ट्रैफिक उल्लंघन इतिहास को भी ध्यान में रखा जाएगा।
नियम होंगे ज्यादा सख्त
जानकारी के मुताबिक, जिन लोगों का ड्राइविंग लाइसेंस पिछले तीन साल में रद्द हुआ है, उनके लिए नया लाइसेंस पाना आसान नहीं होगा। ऐसे मामलों में अतिरिक्त जांच और शर्तें लागू की जा सकती हैं। Motor Vehicles New Rule 2026
देना होगा टेस्ट
मिली जानकारी के अनुसार, यदि किसी चालक का रिकॉर्ड बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने का रहा है, तो लाइसेंस रिन्यू कराने पर उसे ड्राइविंग टेस्ट देना अनिवार्य हो सकता है, चाहे आवेदन समय पर ही क्यों न किया गया हो।
खास नजर
सरकार के अनुसार, बिना बीमा चलने वाले वाहनों में सबसे ज्यादा संख्या दोपहिया वाहनों की है। यही वजह है कि नए नियमों में इन्हें खास फोकस में रखा गया है।
ग्रेडेड लाइसेंस सिस्टम
जानकारी के मुताबिक, भारी और बड़े वाहनों के चालकों के लिए अलग-अलग स्तर का लाइसेंस सिस्टम लाने का प्रस्ताव है। इसमें अनुभव और कौशल के आधार पर अगला स्तर मिलेगा। Motor Vehicles Rule Change
थर्ड पार्टी बीमा
मिली जानकारी के अनुसार, अब थर्ड पार्टी बीमा केवल कमर्शियल वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार निजी वाहनों में भी मालिक, चालक और सवारी को बीमा सुरक्षा देने की तैयारी कर रही है।
उम्र सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव
जानकारी के मुताबिक, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की अनिवार्य उम्र सीमा को 40 साल से बढ़ाकर 60 साल करने पर विचार किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को राहत मिल सकती है।