NSP: हरियाणा सरकार ने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस बदलाव से प्रदेश के अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (ईबीसी), और विमुक्त/घुमंतू (डीएनटी) वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा और राहत मिलेगी। यह नया प्रावधान शैक्षणिक सत्र 2025-26 से प्रभावी होगा।
डीसी अभिषेक मीणा ने दी जानकारी
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (सेवा) द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, अब पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन, सत्यापन और वितरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाएगी। इस बदलाव से पारदर्शिता, समयबद्धता और दक्षता में वृद्धि होगी, जिससे छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति मिलने की प्रक्रिया और अधिक आसान हो जाएगी।
तीन स्तरीय सत्यापन प्रणाली
नई व्यवस्था के तहत, सरकार ने छात्रवृत्ति योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए एक तीन-स्तरीय सत्यापन प्रणाली लागू की है। इसमें,
- संस्थान नोडल अधिकारी (INO) छात्र के दस्तावेजों का प्रारंभिक सत्यापन करेंगे।
- जिला नोडल अधिकारी (DNO) अंतिम सत्यापन करेंगे।
- राज्य नोडल अधिकारी (SNO) अनुमोदन करेंगे और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से छात्रवृत्ति जारी करेंगे।
गलत या फर्जी आवेदनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसे मामलों में तत्काल एनएसपी पर फर्जी चिह्नित किया जाएगा, साथ ही संबंधित छात्र से राशि की वसूली के साथ-साथ आपराधिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
टाइमलाइन को रखा गया स्पष्ट
इस योजना के तहत, सरकार ने आवेदन से लेकर छात्रवृत्ति वितरण तक एक निर्धारित समय सीमा तय की है, जो अधिकतम 28 दिनों की होगी।
- छात्र पंजीकरण एनएसपी शेड्यूल के अनुसार होगा।
- संस्थान सत्यापन 10 दिनों में पूरा होगा।
- जिला सत्यापन 7 दिनों में होगा।
- राज्य अनुमोदन 7 दिनों में होगा।
- पीएफएमएस के माध्यम से वितरण 4 दिनों में किया जाएगा।
हेल्प डेस्क की स्थापना
छात्रों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए शिक्षण संस्थानों, जिला और राज्य स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जिससे वे त्वरित सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
एनएसपी पर ऑनलाइन प्रक्रिया के साथ छात्रवृत्ति योजनाएं और अधिक पारदर्शी, सरल और त्वरित हो जाएंगी, और योग्य छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति मिलना सुनिश्चित होगा।