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अधिकारियों ने मिलीभगत करके मसानी बैराज पर फैलाया गंद, विरोध में 21 गाँव की महापंचायत

रेवाड़ी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नाक के नीचे जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी साबी नदी के बाँध में दूषित पानी छोड़कर प्रदुषण फैला रहे है. जिसके कारण इलाके का भूमिगत पानी दूषित हो रहा है और इलाके के लोगों में रोष है. इसी रोष के चलते आज मसानी गाँव में 21 गांवों की महापंचायत की गई. पंचायत में प्रदुषण मुक्त साबी बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया गया. लोगों का कहना है कि साबी नदी के लिए बनाये गए बैराज में पानी को ट्रीट करके छोड़ा जाएँ. जिन अधिकारियों ने मिलीभगत करके साबी में दूषित पानी छोड़ा है उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएँ और जो भिवाड़ी के दूषित पानी को साबी में छोड़ने की प्लानिंग की जा रही है. उसपर रोक लगाईं जाए.

झील विकसित करके बनने वाला था पर्यटक स्थल

आपको बता दें कि दिल्ली- जयपुर हाइवे पर रेवाड़ी के साबी नदी बाँध पर झील विकसित करके यहाँ पर्यटक स्थल बनाने का सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट था. करीबन तीन साल पहले मुख्यमंत्री खुद यहाँ पहुँचे थे और इलाके के लोगों को कई सपने दिखाएँ थे. साथ ही योजना बनाई गई थी कि शहर से निकलने वाले दूषित पानी को ट्रीट करके साबी बाँध पर छोड़ा जाएगा. कुछ समय तक तो पानी को ट्रीट करके यहाँ छोड़ा गया लेकिन बाद में बिना ट्रीट किये ही दूषित पानी को यहाँ छोड़ा जाने लगा. जिससे इलाके में जल, वायु प्रदुषण बढ़ गया.

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स्टेट पोलूशन कंट्रोल बोर्ड ने नही की सुनवाई

खरखड़ा गाँव निवासी प्रकाश खरखड़ा ने इसकी शिकायत धारूहेड़ा में स्थित स्टेट पोलूशन कंट्रोल बोर्ड में की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. जिसके बाद एनजीटी और चीफ सेक्टरी को शिकायत की गई. जिस शिकायत पर एक्शन लेते हुए पानी के सैम्पल्स लिए गए तो सभी सैम्पल्स फ़ैल पाए गए. प्रकाश खरखड़ा ने कहा कि धारूहेड़ा में बड़े स्तर पर पोलूशन कंट्रोल बोर्ड ही पोलूशन को बढ़ावा दे रहा है. इससे पहले तक अधिकारी खुद पानी के सैम्पल लेते और पास भी कर देते. लेकिन अभी एनजीटी ने संज्ञान लेते हुए एक्शन लेने के निर्देश दिए है.

पानी को बिना ट्रीट किये ही छोड़ा जा रहा साबी नदी बाँध पर

आपको बता दें कि रेवाड़ी शहर के तीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट , बावल और धारूहेड़ा के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी को बिना ट्रीट किये ही साबी नदी बाँध पर छोड़ा जा रहा है. धारूहेड़ा में राजस्थान के भिवाड़ी से बारिश के पानी के साथ कैमिकल युक्त पानी आता है. जिसे भी ट्रीट करके साबी में छोड़ने की प्लानिंग है. लोगों का कहना है कि भिवाड़ी के दूषित पानी को वो साबी बांध में बिलकुल नहीं छोड़ने देंगे. ग्रामीणों ने इसके लिए संघर्ष की भी चेतावनी दी है.

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दक्षिण हरियाणा सूखे इलाके में गिना जाता है , साबी बाँध में पानी छोड़ने से आसपास के इलाके में भू-जल स्तर ऊपर तो आया है. लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत के कारण बड़े स्तर पर प्रदुषण फ़ैल गया है. ऐसे में देखना होगा कि दोषी लोगों के खिलाफ क्या एक्शन लिया जाता है और प्रदुषण को रोकने के लिए क्या कदम उठाये जाते है.

 

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