Rewari: उपायुक्त अभिषेक मीणा ने कहा कि किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सरकार द्वारा एग्रीस्टैक योजना के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश के किसानों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। इस संबंध में डीसी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक से पूर्व राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डा. सुमिता मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों को एग्रीस्टैक के प्रभावी और सफल क्रियान्वयन को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा में agristack से किसानों को जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत 18 दिसंबर से पंचकूला, अंबाला और फरीदाबाद जिलों से की जाएगी। इसके बाद रेवाड़ी सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भी यह अभियान शुरू होगा। अभियान के तहत गांव-गांव में विशेष कैंप लगाकर किसानों की लॉगिन आईडी तैयार की जाएगी और उन्हें एग्रीस्टैक प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने राजस्व विभाग तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय से टीमों का गठन कर गांवों में कैंप आयोजित करें, ताकि अधिक से अधिक किसान एग्रीस्टैक से जुड़ सकें।
डीसी ने बताया कि agristack केंद्र सरकार का एक डिजिटल इकोसिस्टम है, जिसका उद्देश्य किसानों का एक समेकित डेटाबेस तैयार करना है। इसके माध्यम से किसानों की पहचान, भूमि रिकॉर्ड और फसल संबंधी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और ऋण जैसी सुविधाएं तेजी और पारदर्शिता के साथ मिल सकेंगी।
उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक किसानों के लिए एक एकीकृत, सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल मंच है। बैठक में जिला राजस्व अधिकारी प्रदीप देशवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।