Rewari: नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के गंभीर मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को 20 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस द्वारा जिले के सभी थाना प्रबंधकों, चौकी इंचार्जों व अनुसंधानकर्ताओं को महिला अपराध व पॉक्सो एक्ट के मामलों में त्वरित कार्रवाई और प्रभावी जांच के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं निर्देशों के तहत धारूहेड़ा थाना पुलिस की सशक्त पैरवी के चलते न्यायालय ने यह निर्णय सुनाया।
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश गुप्ता ने गोहाना, जिला सोनीपत निवासी आरोपी अर्जुन को नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का दोषी करार दिया।
पीड़िता ने 18 फरवरी 2024 को पुलिस को दी शिकायत में बताया कि Instagram के माध्यम से उसकी आरोपी से बातचीत होती थी। 13 फरवरी 2024 को आरोपी ने उसे फोन कर हिसार बुलाया, जहां से वह उसे ट्रक में बैठाकर उत्तर प्रदेश ले गया। आरोपी ने चार दिन तक नाबालिग को अपने साथ रखा और इस दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया। 18 फरवरी को आरोपी उसे रोहतक बस स्टैंड पर छोड़कर फरार हो गया।
पीड़िता द्वारा परिजनों को घटना की जानकारी देने के बाद धारूहेड़ा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। जांच पूर्ण होने पर अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई।