Rewari News: रेवाड़ी के रामपुरा थाना क्षेत्र के गाँव ठोठवाल में हुये बीर सिंह मर्डर केस में पुलिस ने खुलासा करते हुये मृतक के बेटे और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। जो बेटा पिता की संपत्ति का इकलौता वारीश था उसी बेटे ने पिता से पैसे ना मिलने पर पिता को मौत के घाट उतरने की साजिश रच दी और अपने साथी से पिता की हत्या करा दी।
बता दें कि 11 जून को मृतक का बेटा रवि और उसका साथी कृष्ण पुलिस स्टेशन पहुँचे और कहा कि उसका पिता लापता है। थोड़ी देर बाद दौबारा आया और बोला कि पिता का शव उनके खेत में पड़ा हुआ है।
पुलिस ने मौके पर जाकर देखा तो बीरसिंह का शव लहूलुहान हालत में पड़ा हुआ था।
पुलिस के पुछने पर बेटे ने बताया कि खेत में जंगली जानवर आते है। शायद उनके कारण पिता की मौत हुई है। रात का वक्त था इसलिए पुलिस ने भी शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लेकिन रामपुरा थाना पुलिस के रवि और कृष्ण की बात पर संदेह हुआ और गाँव में जाकर पूछताछ की। इसी दौरान दूसरे दिन पोस्टमार्टम के बाद पता चला कि बीर सिंह कि तेजधार हथियार से हत्या की गई है। जिसके बाद आरोपी कृष्ण से पूछताछ की गई। जहाँ पता चला कि कृष्ण ने चाकू मारकर बीरसिंह को मौत के घाट उतारा था। इस दौरान मरने से पहले बीर सिंह ने आरोपी कृष्ण के साथ बचाव के लिए संघर्ष भी किया था। जिसके निशान कृष्ण के शरीर पर पाये गए।
पुलिस ने आरोपी कृष्ण को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया और 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। जिसके बाद खुलासा हुआ कि हत्या कि साजिश मृतक के बेटे रवि ने ही की थी। कृष्ण पुनसिका गाँव का रहने वाला है। जो रवि का दोस्त है। रवि ने कृष्ण को लालच दिया था कि वो पिता की हत्या के बदले उसे 5 लाख रूपय देगा। फिर कृष्ण ने चाकू मारकर बीरसिंह की हत्या कर दी और चाकू अपने घर के सामने गड्ढा खोदकर दबा दिया।
वहीं रवि को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसे आज अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। डीएसपी जोगेन्द्र शर्मा ने बताया कि पुलिस पूछताछ में हत्या की असल वजह सामने आएगी।
वहीं प्राथमिक तौर पर मिली जानकारी के मुताबिक रवि के ससुर को पैसे की जरूर थी। रवि ने ससुर की मदद करने के लिए अपने पिता बीर सिंह से पैसे मांगे थे, लेकिन पिता ने पैसे नहीं दिये, जिसके कारण रवि ने पिता को ही मौत के घाट उतारने की साजिश रच दी। मृतक बीर सिंह के बेटा रवि और एक बेटी है। बेटी की शादी हो चुकी है।
बाइट – जोगेन्द्र शर्मा – डीएसपी – रेवाड़ी