Kal Ka Mausam: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता से लगातार तेज बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, जुलाई के महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है।
खासकर मध्य भारत, उत्तराखंड और हरियाणा में भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थितियों की चेतावनी जारी की गई है। कई राज्यों में प्रशासन सतर्क हो गया है और राहत-बचाव कार्यों की तैयारी शुरू हो चुकी है।
IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अगले 6-7 दिनों तक मॉनसून सक्रिय रहेगा। बंगाल की खाड़ी और ओडिशा के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अब झारखंड की ओर बढ़ चुका है, जिससे आगामी दिनों में कई राज्यों में मौसम बदलने के आसार हैं।
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 1 से 7 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश में 1 जुलाई और फिर 2 व 5–7 जुलाई को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान और पश्चिम उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई को बहुत भारी बारिश के आसार हैं।
हिमाचल में इमारतों के ढहने, भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं पहले ही लोगों की चिंताओं को बढ़ा चुकी हैं। अगले 7 दिनों में गरज, बिजली और 30–40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 1 से 5 जुलाई तक भारी वर्षा की चेतावनी है। उत्तरी ओडिशा में प्रमुख नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद बालासोर और मयूरभंज जिलों में राहत-बचाव कार्य शुरू हो गया है। असम सहित पूर्वोत्तर राज्यों में अगले सात दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
मध्य असम में निचले स्तर पर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जो स्थानीय मौसम को प्रभावित कर सकता है। केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भारी वर्षा की संभावना है। इस क्षेत्र में तेज हवाएं (40–50 किमी/घंटा) चल सकती हैं, जिससे समुद्री गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्रों में भी आगामी सप्ताह में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।