IAS Smita Sabharwal: भारत में IAS बनना लाखों युवाओं का सपना होता है, लेकिन कुछ ही लोग होते हैं जो इस सपने को अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से हकीकत में बदल पाते हैं। उन्हीं में से एक हैं स्मिता सभरवाल, जिन्हें देशभर में ‘पीपुल्स ऑफिसर’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने अपने कार्य के जरिए न केवल सरकारी तंत्र में बदलाव लाया, बल्कि लोगों के दिलों में भी एक खास जगह बनाई।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
IAS स्मिता सभरवाल का जन्म 19 नवंबर 1977 को दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) में हुआ था। उनके पिता कर्नल प्रणब दास भारतीय सेना में अधिकारी रहे हैं, और मां का नाम पूरबी दास है। सेना परिवार से ताल्लुक होने के कारण स्मिता ने भारत के विभिन्न शहरों में पढ़ाई की। उनके पिता के रिटायरमेंट के बाद उनका परिवार हैदराबाद में बस गया।
उन्होंने सेंट लुइस स्कूल, मर्रेदपल्ली (हैदराबाद) से 12वीं की पढ़ाई की और ISC बोर्ड की टॉपर रहीं। इसके बाद स्मिता ने सैन फ्रांसिस्को महिला कॉलेज से कॉमर्स में ग्रेजुएशन (B.Com) किया।

UPSC परीक्षा में सफलता की कहानी
स्मिता सभरवाल का UPSC सफर आसान नहीं रहा। पहले प्रयास में वह प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2000 में दूसरे प्रयास में उन्होंने UPSC परीक्षा न सिर्फ पास की, बल्कि अखिल भारतीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया। वह उस समय सबसे कम उम्र (23 वर्ष) में IAS बनने वाली उम्मीदवारों में एक रहीं।
IAS बनने के बाद स्मिता ने तेलंगाना कैडर में अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने कई अहम पदों पर रहते हुए जनता के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।